मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूतः सुबोध उनियाल

देहरादून। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने आदि कैलाश ऑडिटोरियम, हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट में आयोजित कार्यक्रम में “एसबीआईएफ जीवन” पहल का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में कार्यरत एएनएम (सहायक नर्स एवं प्रसूति कार्यकर्ता) की दक्षताओं एवं कौशल को सुदृढ़ बनाते हुए मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री उनियाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य किसी भी समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में एएनएम स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम पंक्ति की कर्मी के रूप में कार्य कर रही हैं और गर्भवती महिलाओं तथा नवजात शिशुओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम एएनएम के कौशल विकास, क्षमता संवर्धन एवं आधुनिक स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व एवं नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा प्रदेश के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वस्थ मातृत्व, सुरक्षित नवजात एवं सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगी। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम कर्मी एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





