उत्तराखंड
रुद्रप्रयाग जिले के 104 इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य नहीं, प्रवक्ताओं के भरोसे व्यवस्था

देहरादून। जनपद की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में प्रधानाचार्यों के रिक्त पद चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कुल 106 इंटर कॉलेजों में से 104 विद्यालयों में नियमित प्रधानाचार्य तैनात नहीं हैं। इन विद्यालयों का प्रशासनिक संचालन संबंधित विद्यालयों में कार्यरत प्रवक्ताओं को प्रभारी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी देकर किया जा रहा है।
प्रभारी प्रधानाचार्य का दायित्व संभाल रहे प्रवक्ताओं को शिक्षण कार्य के साथ विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, कार्यालयी कार्य, पत्राचार, बैठकों और विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षकों पर अतिरिक्त प्रशासनिक भार पड़ने से उनके नियमित शिक्षण कार्य के लिए उपलब्ध समय प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
पहाड़ी जनपदों में सरकारी विद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी और सीमित संसाधनों की चुनौती से जूझ रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में इंटर कॉलेजों में नियमित प्रधानाचार्यों की तैनाती नहीं होना शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण विषय है। प्रधानाचार्य विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों के समन्वय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता विजय लाल ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से जनपद के इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की तैनाती से संबंधित जानकारी मांगी थी। प्राप्त सूचना में 106 में से 104 विद्यालयों में नियमित प्रधानाचार्य नहीं होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित नियुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रवक्ताओं को अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर उनका अधिकतम समय शिक्षण कार्य में लगाया जा सके।
विजय लाल ने कहा कि यह मामला केवल प्रधानाचार्यों के पद रिक्त होने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों के प्रशासनिक संचालन और शिक्षण व्यवस्था से भी जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से जल्द आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
उन्होंने सरकार से जनपद के इंटर कॉलेजों में रिक्त प्रधानाचार्य पदों को शीघ्र भरने तथा विद्यालयों की शिक्षण एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।





