
गोपेश्वर। जंगलों की आग की रोकथाम व अध्ययन के लिए सीपी भट्ट पर्यावरण और विकास केन्द्र की ओर से आग के बढ़ते प्रकोप के खिलाफ गांवों में जन जागरण अभियान शुरू किया गया। कर्णप्रयाग विकासखंड के कंडारा गांव से इसकी शुरुआत की। विकास केंद्र ने जंगल की आग के खिलाफ नागरिकों को जागरूक करने के लिए नवंबर माह से पदयात्राओं के जरिये गांव-गांव जाकर जागरुक किया। द्वितीय चरण में कंडारा गांव में जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह व ग्राम प्रधानों की अगुवाई में कंडारा से सुनाली गांव तक जन जागरण यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया।
ग्रामीण कंडारा गांव से वन संरक्षण और आग की रोकथाम को लेकर नारों और गीत गाते हुए सुनाली गांव में पहुंचे। जहां सुनाली के ग्रामीणों ने अभियान दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। सुनाली गांव में महिला मंगल दल अध्यक्षा भुवना देवी की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में आग की रोकथाम के लिए लोक प्रयास को लेकर जनप्रतिनिधियों, वनाधिकारियों ने अपने विचार रखे। जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह के आह्वान पर बैठक में अपने क्षेत्र के जंगलों पर आग न लगने देने का एकमत से संकल्प लिया गया। पर्यावरण कार्यकर्ता विनय सेमवाल ने बताया कि आग की रोकथाम के लिए जन जागरण को लेकर यह अभियान शुरू किया गया है। अभियान का यह दूसरा चरण है जिसके तहत कंडारा (कर्णप्रयाग) से लेकर थराली तक यात्रा शुरू की गई। केन्द्र के ट्रस्टी मंगला कोठियाल ने आग लगने से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। इस मौके पर महेंद्र सिंह नेगी, बच्चन सिंह, ओमप्रकाश भट्ट, राजेंद्र बिष्ट ने भी विचार व्यक्त किए। कंडारा के अलावा कोट भाटियाणा, सुनभी, कोथरा, चिरखून आदि गांवों में भी संवाद किया गया।



