बच्चों को बताए सुरक्षा और कानूनी अधिकार ‘सुरक्षित बचपन’ पर कार्यशाला

रुड़की। बच्चों को सुरक्षित रखने और उन्हें अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए नेशनल इंटर कॉलेज धनोरी,शिक्षा सदन इंटर कॉलेज मेहवड़ कला और जनता इंटर कॉलेज माजरी में ‘सुरक्षित बचपन’ विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें न्यायिक अधिकारियों और पुलिस ने छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, शारीरिक व मानसिक शोषण से बचाव और साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी।
मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुड़की कपिल कुमार त्यागी और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम रुड़की चौरब बत्रा ने बच्चों को सरल भाषा में उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित माहौल में पढ़ने और आगे बढ़ने का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है या उनके साथ गलत व्यवहार करता है तो डरने के बजाय माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें।इस दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया। साथ ही पॉक्सो एक्ट के बारे में बताते हुए शोषण से बचाव और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के तरीके बताए गए।
पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने और इंटरनेट का सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।इस अवसर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी,एसएसआई रमेश कुमार सैनी, एसआई विनोद गोला और इमलीखेड़ा चौकी प्रभारी अमित नौटियाल सहित कॉलेज के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।




