उत्तराखंड

केदारताल ट्रेक पर मिले तीन शव, अन्यों की तलाश जारी

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेकिंग मार्ग पर बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण फंसे आठ सदस्यीय ट्रेकिंग दल की तलाश में चलाए जा रहे बचाव अभियान के दौरान अब तक तीन शव बरामद किए गए हैं। इनमें से दो महिलाओं की पहचान उनके परिजनों ने कर ली है, जबकि तीसरे शव की शिनाख्त की कार्रवाई जारी है। शेष पांच सदस्यों की तलाश और उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, उत्तरकाशी की ओर से बुधवार, 4 नवंबर को अपराह्न 1ः50 बजे जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, 30 अक्टूबर को सायं 6ः39 बजे सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी के संचालक ने प्रशासन को सूचना दी थी कि गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग के लिए रवाना हुआ आठ सदस्यीय दल रास्ते में भारी हिमपात और हिमस्खलन के कारण फंस गया है। इस दल में सात ट्रेकर और एक गाइड शामिल थे। दल के सदस्य लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर लापता बताए गए थे।
बुधवार को बचाव अभियान के तहत सुबह लगभग 10ः30 बजे देहरादून से हेलीकॉप्टर ने मातली हेलीपैड के लिए उड़ान भरी और 10ः55 बजे मातली पहुंचा। यहां आपदा प्रबंधन अधिकारी, आपदा प्रबंधन टीम, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सा टीम, पूर्ति विभाग तथा आईटीबीपी के जवान आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार थे। हेलीकॉप्टर में केदारताल क्षेत्र के लिए लगभग 50 किलोग्राम राशन, ब्यूटेन गैस और अन्य राहत सामग्री भी रखी गई।
सुबह लगभग 11 बजे हेलीकॉप्टर मातली से केदारताल के लिए रवाना हुआ। करीब 11ः52 बजे तीन शवों को केदारताल से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके बाद शवों को मोटर वाहन से जिला चिकित्सालय, उत्तरकाशी भेजने की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रशासन को तहसीलदार भटवाड़ी से प्राप्त सूचना के अनुसार, तीन शवों में से दो की पहचान परिजनों ने जिला चिकित्सालय में कर ली है। मृतकों में 28 वर्षीय सुश्री दीप्तिका, निवासी उत्तम नगर, नई दिल्ली और 29 वर्षीय सुश्री नारायण वर्मा, निवासी गायत्री पुरम, विकासनगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। तीसरे शव की पहचान के प्रयास जारी हैं।
बुलेटिन के अनुसार, अपराह्न लगभग 1रू09 बजे हेलीकॉप्टर ने मातली हेलीपैड से दोबारा केदारताल के लिए उड़ान भरी। जिला प्रशासन ने बताया कि जिलाधिकारी प्रशांत आर्य पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी, हिमस्खलन के खतरे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बचाव दलों को अभियान संचालित करने में गंभीर चुनौतियों का सामप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बचाव अभियान की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगे की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

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