उत्तराखंड

घोड़ा-खच्चरों की शिविरों के माध्यम से की जा रही मेडिकल जांच व बीमा

रुद्रप्रयाग। आगामी 6 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारियां शुरु कर दी है। यहां महत्वूपर्ण भूमिका निभाने वाले घोड़ा-खच्चरों के लिए शिविरों के माध्यम से मेडिकल जांच व बीमा किया जा रहा है। अब तक 292 घोडा-खच्चरों की मेडिकल जांच व बीमा किया जा चुका है। एक अप्रैल से जिला पंचायत की ओर से घोडा-खच्चरों का पंजीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। ताकि यात्रा में उन्हें संचालन की अनुमति मिल सके।
केदारनाथ यात्रा को देखते हुए पशुपालन विभाग ने बीती 21 मार्च से जनपद के न्याय पंचायत पर रोस्टर के माध्यम शिविर शुरू कर दिए हैं। विभाग ने राऊलेख, मैंखंडा, छेनागाड में लगाए गए मेडिकल जांच शिविर में अब तक 292 घोड़ा खच्चरों की जांच के उपरान्त प्रमाण पत्र बना दिया है। साथ ही घोड़े का बीमा करवाया जा रहा है। प्रतिवर्ष मेडिकल प्रमाण पत्र एवं बीमा होने के बाद ही यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण होता है। जिला पंचायत की ओर से 1 अप्रैल से घोड़े खच्चरों के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आशीष रावत ने बताया कि जनपद में रोस्टर के अनुसार जनपद में मेडिकल जांच व बीमा करवाने के लिए शिविर शुरू हो गए है। बताया कि 24 मार्च को मनसूना, गौरीकुंड, जखोली बडमा, 28 मार्च को सिरसोली, बडासू व चन्द्रापुरी, 31 मार्च को जाल मल्ला, खुमेरा, नैनी पौंडार, 4 अप्रैल को कालीमठ, नारायणकोटी, नागजगई, 7 अप्रैल को जाखधार, त्रियुगीनारायण, 10 अप्रैल को ल्वारा, बांसवाडा, 13 अप्रैल को सल्या व बडेथ में मेडिकल शिविर लगाए जाएंगे। जिसके लिए डाक्टरों की तैनाती भी की गई है। मेडिकल जांच व बीमा के बाद ही पशुओं का पंजीकरण होगा। ताकि यात्रा संचालन में उन्हें दिककतों का सामना न करना पडे।
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