उत्तराखंड

समूह की महिलाओं के हाथों बनी मोमबत्तियों से रोशन होगी दिवाली

देहरादून। दीपावली पर्व यानी दियो का पर्व जो कि लोगों के जिंदगी में उजाला लेकर आता है इसका सटीक उदाहरण राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा के आपदाग्रस्त क्षेत्र में देखने को मिला है। यूं तो आपदा ने पिछले महीने सहस्त्रधारा को कई जख्म दिए लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को भी बल मिला है।
देहरादून जनपद के रायपुर ब्लॉक के अंतर्गत न्याय पंचायत सरोना की ग्राम पंचायत धनौला  की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने वोकल फॉर लोकल की मुहीम को आगे बढ़ते हुए उनके द्वारा बनाई गई तमाम सजावटी व आकर्षित मोमबत्तियां से इस दिवाली राजधानी देहरादून के सभी घरों को रोशन करेगी। एक महीने पहले ही आपदा की चपेट में आए सहस्त्रधारा  के कई गांव वासियो के जख्म और अंधेरे को उजाला देने का काम ग्रामीण महिलाएं कर रही है। जिससे की वें स्वदेशी सामान को बढ़ावा दे रही है साथ ही चाइना सहित विदेशी सामानों का बायकाट भी हो रहा है। दुर्गा और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की सजावटी मामबत्तियां बाजार में उचित मूल्य पर बेची जा रही है जिससे समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत दुर्गा और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने मिलकर  पहले मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया उसके बाद एनआरएलएम की मदद से समूह की महिलाओं ने दीपावली के पर्व से पहले दीपक और मोमबत्ती तैयार की है।

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