उत्तराखंड

भव्य कलश यात्रा ने श्रीराम कथा के पावन प्रारंभ का शंखनाद किया

देहरादून। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा आयोजित की जाने वाली सात दिवसीय श्री राम कथा के पावन अवसर पर दिल्ली के सेक्टर 21, रोहिणी स्थित रामलीला ग्राउंड, कंझावला रोड से एक अद्वितीय और भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आह्वान थी, जिसने जनमानस को भक्ति के शाश्वत मार्ग की ओर उन्मुख किया और आधुनिक समय में अध्यात्म के गूढ़ महत्व का स्मरण भी कराया।
11 से 17 दिसंबर तक दोपहर 3ः30 से रात्रि 7ः30 बजे तक चलने वाली भव्य श्रीराम कथा का वाचन दिव्य गुरु आशुतोष महाराज (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) की शिष्या कथा व्यास साध्वी श्रेया भारती द्वारा किया जाएगा। कलश यात्रा के माध्यम से कथा का सजीव आमंत्रण देकर क्षेत्रवासियों के हृदयों में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का संचार किया गया।
कलश यात्रा में दिव्य गुरुदेव के निष्ठावान शिष्यों ने अत्यंत उत्साह एवं अनुशासन के साथ भाग लिया। पूरे मार्ग में “ब्रह्मज्ञान” और “विश्व शांति” के महत्व पर ज़ोर देते हुए दिव्य जयघोष गूंजते सुनाई दिए। हज़ारों शिष्य पवित्र गंगाजल से भरे कलश अपने शीश पर सुशोभित किए, सौम्यता और गरिमा के साथ आगे बढ़ते नज़र आए। यह दृश्य पवित्रता, समर्पण और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की दृढ़ता का अद्भुत प्रतीक रहा।
कलश यात्रा ने उपस्थित जनमानस को यह संदेश दिया कि समय के पूर्ण सतगुरु की शरण ग्रहण कर, “ब्रह्मज्ञान” द्वारा अपने भीतर आत्म जागृति प्राप्त करना जीवन के लिए अनिवार्य है। आज जब संसार तीव्र गति से परिवर्तनशील है और बाहरी कोलाहल आत्मा की सूक्ष्म आवाज़ को दबा देता है, ऐसे समय में ब्रह्मज्ञान के माध्यम से होने वाली आंतरिक जागृति अत्यंत आवश्यक है।
डीजेजेएस का यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मानवता को धर्म, शांति और परम मुक्ति की ओर मार्गदर्शित करने का एक सतत प्रयास है। कलश यात्रा ने स्थानीय वासियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। लोगों ने इसके आध्यात्मिक महत्व को हृदय से सराहा और डीजेजेएस के इस प्रेरणादायक आयोजन के लिए हार्दिक प्रशंसा व्यक्त की। साथ ही, इस सात दिवसीय श्रीराम कथा का रसपान करने हेतु अपनी इच्छा भी व्यक्त की।

Related Articles

Back to top button