उत्तराखंड

इंजीनियर्स डे पर यूपीसीएल में तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और एकजुटता का संदेश

देहरादून। भारत रत्न एवं महान अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की जयंती के अवसर पर इंजीनियर्स डे के उपलक्ष्य में यूपीसीएल के कॉन्फ्रेस हॉल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूपीसीएल के निदेशक (वितरण एवं परियोजना), निदेशक (वित्त), अधिशासी निदेशक (मा०सं०) एवं अधिशासी निदेशक (तकनीकी) उपस्थित रहे तथा यूपीसीएल व पिटकुल के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं व वरिष्ठ अधिकारिगणों ने भी प्रतिभाग किया। विभिन्न स्थानों पर तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यक्रम में प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल पी०सी० ध्यानी ने ऑनलाइन माध्यम से जुड कर सभी अभियंताओं एवं उपस्थित अधिकारियों को इंजीनियर्स डे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अभियंताओं की भूमिका को केवल तकनीकी दायित्वों तक सीमित न मानते हुए प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बदलती तकनीक के अनुरूप कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करने के साथ हुई। उपस्थित अभियंताओं ने देश के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान, दूरदर्शिता, अनुशासन एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र में स्थापित उच्च मानकों को स्मरण किया। कार्यक्रम के दौरान यूपीसीएल एवं पिटकुल के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विभिन्न मनोरंजक एवं टीम आधारित फनप्र का आयोजन भी किया गया। इन गतिविधियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का वातावरण बनाया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विभागीय दायित्वों से इतर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच आपसी संवाद, टीम भावना और सौहार्द को और मजबूत करना रहा। यूपीसीएल एवं पिटकुल के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और एक-दूसरे का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में अभियंताओं के समक्ष वर्तमान ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों, डिजिटलाइजेशन, आधुनिक प्रणालियों के उपयोग, दक्षता में वृद्धि तथा उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी विचार साझा किए गए। इस बात पर जोर दिया गया कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अभियंताओं को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नवाचार, नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान की दृष्टि को भी निरंतर विकसित करना होगा। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। इंजीनियर्स डे के इस आयोजन ने न केवल महान अभियंता सर एम. विश्वेश्वरैया जी के योगदान को स्मरण किया, बल्कि यूपीसीएल एवं पिटकुल के अभियताओं और कार्मिकों के बीच सहयोग, टीम भावना तथा आपसी सौहार्द को भी नई ऊर्जा प्रदान की।

Related Articles

Back to top button