उत्तराखंड

मां चंडिका की डोली ने पारंपरिक मार्ग से किया गद्दीस्थल में प्रवेश, भ्रामक दावों की खुली पोल

रुद्रप्रयाग। मां चंडिका की डोली ने आज पूर्व वर्षों की भांति परंपरागत मार्ग से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल में विधिवत प्रवेश किया। डोली के सुचारु और शांतिपूर्ण प्रवेश से यह स्पष्ट हो गया कि परंपरागत यात्रा मार्ग पूरी तरह सुगम, स्वच्छ एवं उपयोग योग्य था।
उल्लेखनीय है कि बीते 15 जनवरी को महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान कुछ तत्वों ने यह भ्रामक प्रचार किया था कि पारंपरिक मार्ग अवरुद्ध और अनुपयोगी है। इसी आधार पर डोली को अगस्त्यमुनि स्थित क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार से ले जाने का दबाव बनाया गया। इस दौरान क्रीड़ा भवन के मुख्य गेट को क्षति पहुंचाई गई तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर यातायात भी बाधित हुआ।
मां चंडिका की डोली ने आज उसी पारंपरिक मार्ग का सफलतापूर्वक उपयोग किया जाना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि 15 जनवरी की घटना परंपरा या व्यवस्था से जुड़ी नहीं थी, बल्कि जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि क्रीड़ा भवन का मुख्य गेट तोड़ा जाना पूर्वनियोजित कृत्य था।
जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और धार्मिक परंपराओं की गरिमा तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

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