उत्तराखंड

जन जन तक पहुंचे केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सांसदों और विधायकों को पार्टी विचार परिवार बढ़ाने की दृष्टि से विधानसभावार कार्ययोजना में भूमिका निभानें के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूर्व मे हुए विस और लोस चुनाव मे हारी हुई सीटों पर चर्चा तथा प्रवास के लिए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा रही है। राजपुर रोड स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि सांसद तथा विधायकों को आज राष्ट्रीय अध्यक्ष का विस्तृत मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।  राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुनाव में जीत के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यों की गांव-गांव तक चर्चा पहुंचे, इसके लिए जहां ग्रामीण ग्राम संपर्क के लिए सभी सांसदों और विधायकों से कहा गया है। वहीं प्रत्येक विधानसभा के 100 बुद्धिजीवी, प्रभावशाली एवं विशिष्ट लोगों की सूची बनाकर उनसे भी संपर्क कर अपने पार्टी के विचार परिवार का विस्तार करना है। इसके साथ-साथ सरकार और संगठन का समन्वय और अधिक बेहतर हो इस दृष्टि से कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना है।
इसी तरह जिन बूथों पर बूथ टोली का गठन का सत्यापन नहीं हुआ है, विधायक गणों को मंडल संगठन के साथ मिलकर उन बूथों को सशक्त करने की दृष्टि से इसे पूरा करते हुए अपने सुझाव भी देने का आग्रह किया है। चूंकि हमारी पार्टी की चुनाव पद्धति बूथ आधारित है। लिहाजा चुनाव की दृष्टि से बूथ और उसपर रहने वाला कार्यकर्ता कैसे सशक्त हों, उस पर उन्होंने विशेष मार्गदर्शन दिया।  इसके साथ-साथ प्रदेश सरकार की योजनाओं का व्योरा जनता तक ले जाना जरूरी है। क्योंकि वर्तमान सरकार का 5 वर्ष का कार्यकाल और पिछला 10 वर्ष का कार्यकाल हमारी सरकार का हो गया है। 10 वर्ष के कार्यकाल के एक पम्पलेट, जिसमें विधायक गण अपने द्वारा किए गए कार्यों की भी उसमें उनका उल्लेख हो, उन सारे विषयों को लेकर एक छोटा पाम्पलेट, पत्रिका छाप कर बंटवा सकते हैं। यह पत्र पत्रिका भी हम गांव-गांव तक पहुंचाने का काम करें।  सभी सांसदों और विधायकों ने भी अनेकों महत्वपूर्ण सुझाव इस बैठक में दिए हैं। सारे सुझाव 2027 के चुनाव में जीत के लिए प्रभावी होंगे, इस दृष्टि से संगठन कार्ययोजना तैयार करेगा। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन सीटों को लेकर भी मार्गदर्शन दिया, जहां हम जीत नहीं पाए थे या जीत का अंतर बहुत कम रहा है। हमारे राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों को विशेष रूप से उन विधानसभाओं का अतिरिक्त दायित्व दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन विधानसभाओं के लिए पहले की तरह  पूर्णकालिक कार्यकर्ता भी संगठन की ओर से संबंधित क्षेत्र में भेजे जायेंगे।

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