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विजय वात्सल्य की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर डीजीपी के दरबार में पहुंचे पिता

देहरादून। बेटे विजय वात्सल्य की मौत के मामले को लेकर अब मृतक के पिता प्रमोद कुमार वात्सल्य ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक के यहां अपनी दस्तक दी है और न्याय की गुहार पुलिस के प्रदेश मुखिया से लगाई है। यहां से उन्हें कार्यवाही का आश्वासन मिला है।
बीते वर्ष 25 दिसंबर 2022 को हुई अमेरिका के निवासी एनआरआई विजय वात्सल्य की संदिग्ध मानी जा रही मृत्यु का मामला मृतक के पिता प्रमोद कुमार वात्सल्य द्वारा अब पुलिस महानिदेशक कार्यालय में पहुंचा दिया गया है। प्रदेश के डीजीपी को पत्र के माध्यम से प्रमोद कुमार वात्सल्य द्वारा अपनी पुत्रवधू सुनीता को अपने बेटे विजय वात्सल्य की मौत का दोषी ठहराते हुए यह आरोप पत्र के माध्यम से लगाया है कि करोड़ों की संपत्ति जायदाद मृतक विजय  वात्सल्य की रही है, जो कि उसकी पत्नी मेरी पुत्रवधू सुनीता, उसके मायके वाले तथा उसके तथाकथित भतीजे द्वारा संभवत ठिकाने लगाई जा रही है। डीजीपी कार्यालय को दिए गए पत्र के माध्यम से पुलिस महानिदेशक को प्रमोद कुमार वात्सल्य ने अवगत कराया है कि जिस दिन गत 25 दिसंबर 2022 को उसके बेटे विजय वात्सल्य की संदिग्ध मौत हुई थी, उस दिन विजय वात्सल्य का उनके रिश्तेदारों की मौजूदगी के बिना ही तत्काल दाह संस्कार कर दिया गया था। जिसका कारण मेरे बेटे विजय वात्सल्य की करोड़ों की संपत्ति जायदाद पुत्र वधू सुनीता एवं उसके मायके वालों द्वारा हड़पने का रहा है। न्याय की गुहार लगाते हुए प्रमोद कुमार वात्सल्य ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से पत्र के माध्यम से मांग की है कि उनकी पुत्रवधू तथा उसके मायके वाले उनके मृतक बेटे की सारी संपत्ति जायदाद को बेचकर न हड़प ले? इसलिए आरोपियों के खिलाफ कदम उठाते हुए मेरे मृतक पुत्र विजय की करोड़ों रुपए की संपत्ति जायदाद को बेचने से रोका जाए। पिता प्रमोद कुमार वात्सल्य ने पुलिस महानिदेशक कार्यालय को सोपे पत्र में कहा है कि उनका पुत्र विजय वर्ष 2011 में ही अमेरिका से यहां आ चुका था और तभी से देहरादून में ही रह रहा था, यहीं पर उसकी पुत्रवधू सुनीता द्वारा अपने मायके वालों तथा कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर विजय की संपत्ति को हड़पने का षड्यंत्र रचा जा रहा था प् प्रमोद कुमार वात्सल्य का कहना है कि पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से उनको इस मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है प् मृतक विजय के पिता प्रमोद वात्सल्य ने यह भी बताया कि वह इस मामले को लेकर अमेरिकी दूतावास में भी अपना पक्ष रखने जा रहे हैं और गृह मंत्रालय से शीघ्र ही वे संपर्क करेंगे। वहीं दूसरी ओर, समाजसेवी राम कुमार अत्री  पीड़ित पक्ष प्रमोद कुमार वात्सल्य के पक्ष में उतर चुके हैं। गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक कार्यालय को मामले से संबंधित पत्र सौंपने से पहले प्रमोद वात्सल्य मीडिया के सम्मुख यह भी कह चुके हैं कि उनको बेटे की मौत से करीब 2 महीने पहले ही इस बात की आशंका हो गई थी कि जमीन-जायदाद को लेकर मेरे पुत्र विजय की हत्या हो सकती है।

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