बीआईएस ने हरिद्वार में इलेक्ट्रिक पंखों पर उद्योग बैठक और मानक मंथन का किया आयोजन

देहरादून। भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून शाखा कार्यालय ने एसएमएयू इंटरनेशनल इंडस्ट्री एंड ट्रेड चैंबर्स के सहयोग से सिडकुल बाईपास रोड, हरिद्वार स्थित निजी होटल में आईएस 302, आईएस 374 और संबंधित मानकों के अनुसार इलेक्ट्रिक प्रकार के पंखेष् विषय पर एक उद्योग बैठक और मानक मंथन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य उद्योगों के बीच भारतीय मानकों, बीआईएस उत्पाद प्रमाणन, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों, अनुरूपता मूल्यांकन आवश्यकताओं और विनिर्माण गुणवत्ता व उत्पाद सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
इस कार्यक्रम में हरिद्वार के इलेक्ट्रिक पंखा निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और अन्य हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय के प्रमुख हेमंत आडे और एसएमएयू इंटरनेशनल इंडस्ट्री एंड ट्रेड चैंबर्स के अध्यक्ष हरिंदर गर्ग उपस्थित थे। उन्होंने उद्योगों के बीच गुणवत्ता चेतना, मानकीकरण और नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए बीआईएस द्वारा की गई इस पहल की सराहना की।
तकनीकी सत्र और अनुपालन में सुगमता कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों का संचालन भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-डी पीयूष प्रकाश और वैज्ञानिक-डी नीलम सिंह द्वारा किया गया। तकनीकी सत्रों के दौरान, वक्ताओं ने इलेक्ट्रिक प्रकार के पंखों पर लागू होने वाले आईएस 302 (भाग 2ध्धारा 80), आईएस 374 और अन्य संबंधित भारतीय मानकों के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सुरक्षा आवश्यकताओं, प्रदर्शन मानकों, परीक्षण आवश्यकताओं, बीआईएस उत्पाद प्रमाणन योजना, प्रयोगशाला परीक्षण प्रक्रियाओं, अंकन (मार्किंग) आवश्यकताओं और लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के तहत अनुपालन दायित्वों की व्याख्या की।
प्रतिभागियों को प्रमाणन प्रक्रियाओं को सरल, अधिक पारदर्शी, कुशल और समयबद्ध बनाने के लिए बीआईएस द्वारा अपने श्अनुपालन में आसानीश् ढांचे के तहत शुरू की गई विभिन्न पहलों से भी अवगत कराया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय मानकों का पालन न केवल उत्पाद की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास को भी बढ़ाता है। साथ ही इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होता है। उद्योग प्रतिनिधियों को अपने उत्पादों के लिए बीआईएस प्रमाणन प्राप्त करने और भारतीय मानकों के निर्माण, संशोधन और समीक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि मानक व्यावहारिक, तकनीकी रूप से अद्यतित और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहें।
कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव (संवादात्मक) तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बीआईएस प्रमाणन प्रक्रियाओं, परीक्षण आवश्यकताओं, भारतीय मानकों के कार्यान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और नियामक अनुपालन से संबंधित कई प्रश्न पूछे। बीआईएस अधिकारियों ने इन प्रश्नों के विस्तार से उत्तर दिए और प्रमाणन आवश्यकताओं व प्रासंगिक भारतीय मानकों के प्रभावी कार्यान्वयन पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रतिभागियों ने मानकीकरण गतिविधियों में उद्योग की भागीदारी बढ़ाने और प्रमाणन प्रक्रियाओं को और सरल बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव भी साझा किए। बीआईएस अधिकारियों ने इन सुझावों का स्वागत किया और प्रतिभागियों को आश्वासन दिया कि भविष्य के आउटरीच कार्यक्रमों और मानकीकरण पहलों की योजना बनाते समय हितधारकों की प्रतिक्रिया पर उचित विचार किया जाएगा। यह कार्यक्रम एक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें मानकीकरण और गुणवत्ता आश्वासन के माध्यम से गुणवत्ता की संस्कृति को बढ़ावा देने, भारतीय मानकों को व्यापक रूप से अपनाने, नियामक अनुपालन की सुविधा प्रदान करने और भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो और एसएमएयू इंटरनेशनल इंडस्ट्री एंड ट्रेड चैंबर्स की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया गया।





