उत्तराखंड

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ढलान पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन ने तैयार किया सुरक्षा खाका

देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक के ढलान वाले हिस्से पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक का ढलान वाले हिस्से में एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद सें भारी वाहनों के नियंत्रण खोने और दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं।
करीब 3.5 किलोमीटर लंबी ढलान तेज रफ्तार के कारण सबसे संवेदनशील है। लगातार दुर्घटना के बाद अब प्रशासन ने यहां रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया है।
उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी के नेतृत्व में परिवहन विभाग, पुलिस, एनएचएआइ, लोक निर्माण विभाग और सड़क सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त निरीक्षण कर पाया कि ढलान के कारण वाहन तेजी से गति पकड़ रहे हैं और नीचे आते-आते चालक नियंत्रण खो रहे हैं।
खासकर भारी वाहन सबसे अधिक जोखिम पैदा कर रहे हैं। इसी कारण पूरे खंड में हर 25 मीटर पर ट्रैफिक काल्मिंग उपाय बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब मौजूदा ट्रांसवर्स बार मार्किंग को और चौड़ा किया जाएगा। उनके बीच अतिरिक्त कैट-आई लगाए जाएंगे और कम से कम 14 नये ट्रांसवर्स बार विकसित किए जाएंगे, ताकि वाहन स्वतः गति कम करें। पुलिस बैरियर से संयुक्त चेकपोस्ट तक दोनों ओर स्पीड लिमिट बोर्ड भी लगाए जाएंगे।चेकपोस्ट के सामने मौजूद मीडियन कट बंद कर उसे डाटकाली मंदिर की ओर अंडरपास अथवा अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की योजना है। साथ ही वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाए जाएंगे, ताकि क्रास मूवमेंट कम हो। निरीक्षण में आरटीओ प्रवर्तन डा. अनीता चमोला, सहायक निदेशक लोनिवि संजय सिंह बिष्ट, सहायक निदेशक परिवहन विभाग नरेश संगल, सहायक निदेशक पुलिस विभाग अविनाश चौधरी, एनएचएआइ के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित पंवार आदि शामिल रहे।

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