उत्तराखंडराजनीति

ऊर्जा निगम की भर्तियों की जांच के लिए मुख्य सचिव से मिला यूकेडी

देहरादून। यूकेडी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिवप्रसाद सेमवाल ने मुख्य सचिव एसएस संधु से कहा कि पंतनगर यूनिवर्सिटी द्वारा वर्ष 2016 में जल विद्युत निगम और वर्ष 2021 में पावर कॉरपोरेशन की भर्तियां कराई थी। सेमवाल ने कहा कि इनमें एक ही परिवार के कई लोगों की भर्ती हुई है और उसी परिवार के दूसरे सदस्य वीपीडीओ भर्ती घोटाले में जेल जा चुके हैं। उत्तराखंड क्रांति दल महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल  ने कहा कि जल विद्युत निगम की भर्तियों की जांच नहीं होती तो जांच की मांग को लेकर यूकेडी आंदोलन करेगा। यूकेडी के संयुक्त सचिव राजेंद्र गुसांई ने बताया कि जल विद्युत निगम में भर्ती कई लोग एक ही क्षेत्र विशेष के हैं।
उत्तराखंड सरकार ने पंतनगर यूनिवर्सिटी के द्वारा करवाई गई पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के जांच के आदेश दिए हैं जो कि एक बहुत अच्छी बात है और इसी यूनिवर्सिटी का एक रिटायर्ड अधिकारी भी एसटीएफ ने पकड़ा है जो कि इसी यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग में वर्ष  2004ध्2005 से कार्यरत था, अब ये बात तो कोई भी समझ लेगा कि यदि इस युनिवर्सटी द्वारा करवाए गए 2015 एसआई के पेपर में गड़बड़ी हुई है तो और भी एग्जॉ्म में भी हुई होगी, लेखाकार का एग्जाम तो कैंसिल ही करना पड़ा, इसीलिए इस यूनिवर्सिटी के द्वारा करवाए गई विगत 10 वर्षों की नियुक्तियों की जांच की जाय। इसी यूनिवर्सिटी के द्वारा ऊर्जा निगम की भर्तियों के लिए एग्जाम करवाया गया जिसमें बड़ी  गड़बड़ी हुई है। यूजेवीएनएल 2016ध्2021 यूपीसीएल 2021 ये बात समझने के लिए कुछ तथ्य हैं। यूजेवीएनएल 2016 में कई ऐसे लोगों का चयन हुआ है जिनके रिश्तेदार इसी निगम में कार्यरत हैं। चयनित अभ्यर्थियों में से बहुत से एक ही जाति के एवं पंतनगर यूनिवर्सिटी के आस पास के क्षेत्रों से हैं। यूजेवीएनएल 2016 के एग्जाम में बहुत से आईआईटी वाले बच्चे केवल कुछ ही मार्क्स से रुक जाते हैं पर जिन्होंने गेट जैसे एग्जाम को कभी क्वालीफाई तक नहीं किया वो इस एग्जाम में टॉप में आते हैं। इन्हीं भर्तियों में एक ही परिवार के आपस के रिश्तेदार एवं भाई बहन यूजेवीएनएल और यूपीसीएल में चयनित होते हैं। जो जाति विशेष और क्षेत्र विशेष के लोग हैं उन्हें लिखित परीक्षा  में तो बहुत अच्छे मार्क्स दिए जाते हैं पर साक्षात्कार  में वो बस पासिंग मार्क्स ही स्कोर कर पाते हैं। जो जेई यूकेएसएससी  के घोटालों में पकड़ा गया उसकी पत्नी इन्हीं निगमों में इसी यूनिवर्सिटी के द्वारा करवाए गए एग्जाम से पद पर चयनित हुई। इसी जेई ने स्वयं 2021 यूपीसीएल  की परीक्षा में साक्षात्कार  तक दिया पर इंटरव्यू में सेटिंग ना होने से बाहर हो गया। यूपीसीएल  की परीक्षा का पैटर्न ऐसा कुछ है कि इसमें इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक ओर मैकेनिकल तीनों ब्रांचों के बच्चे  योग्य और पेपर में तीनों ब्रांचों से प्रश्न पूछे जाते हैं तो ऐसे कोई अभ्यर्थी इतने मार्क्स ले आता है एक कॉमन पेपर में वो भी वो अभ्यर्थी जो की मैकेनिकल ब्रांच से है। एक चयनित अभ्यर्थी मुहब्बा डबरा का है और कुछ अन्य अभ्यर्थी  जिनके पिछले वर्षों की परीक्षाओं में मुश्किल से 30 नंबर भी नहीं आए 176 में से और वो अब अचानक से इन भर्तियों में टॉप कर जाते हैं। यदि जांच की जाय तो चयनित छात्र एक ही क्षेत्र विशेष के हैं पंतनगर के आस पास से। उत्तराखंड का छात्र यूपीसीएल में चयनित होते हैं पर अपने राज्य की इन भर्तियों में नहीं ,जहां यूपीसीएल के एग्जाम का लेवल उत्तराखंड के एग्जाम से कहीं बेहतर है। अब इतना तो कोई भी समझ जाएगा कि इतने तथ्यों से कि इन भर्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है और भी कई तथ्य है यदि यूजेवीएनएल 2016 की भर्तियों एवं पंतनगर यूनिवर्सिटी के द्वारा करवाए गई ऊर्जा निगम की भर्तियों की जांच की जाय तो सत्य जनता के सामने आ जाएगा।

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