आंदोलित असी गंगा क्षेत्र के ग्रामीणों की प्रशासन के साथ वार्ता विफल

उत्तरकाशी। असी गंगा घाटी क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति पर आंदोलित ग्रामीणों की प्रशासन के साथ वार्ता विफल रही। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएमजीएसवाई अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। हालांकि देर शाम पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता ने दोबारा निविदा जारी करने का नोटिस जारी किया है।
शनिवार को जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला व सीडीओ गौरव कुमार धरना स्थल पहुंचे। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपराह्न तीन बजे बाद विकास भवन में वन विभाग, लोनिवि व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की बैठक ग्रामीणों के साथ सीडीओ की मौजूदगी में कराई गई। करीब दो घंटे तक चली बैठक विफल रही। असी गंगा घाटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमल सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग व लोनिवि ने बैठक के दौरान सकारात्मक रुख अपनाया है। कई सड़कों के सुधारीकरण के लिए समय सीमा भी दी है लेकिन पीएमजीएसवाई अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग गंगोरी-डोडीताल मोटर मार्ग की सुधारीकरण है। मार्ग का सुधारीकरण सिर्फ कागजों में हुआ है जिससे आठ करोड़ से अधिक धनराशि भी खर्च की गई है लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है। अभी भी पीएमजीएसवाई कोई सकारात्मक जवाब नहीं दे रहा है। कमल रावत ने कहा कि वार्ता विफल होने पर आंदोलन जारी रखा गया है। बैठक में बीडीसी अनोज कुमार, अनवीर पंवार, मुकेश सिंह, राकेेश, अतर सिंह पंवार, जयेंद्र सिंह राणा, रविंद्र सिंह राणा आदि शामिल थे। पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता कार्यालय से गंगोरी-डोडीताल मोटर मार्ग सुधारीकरण के लिए पुनः निविदा प्रक्रिया का नोटिस जारी किया गया है। ग्रामीणों की मुख्य मांग मार्ग का सुधारीकरण है।





