उत्तराखंड

राज्यपाल ने टीबी रोगियों, दिव्यांगजनों एवं अनाथ बच्चों से आत्मीय संवाद किया

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में टीबी रोगियों, दिव्यांगजनों एवं अनाथ बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं, अनुभवों और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी लेते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार प्रदान किए तथा टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार और जरूरतमंदों को सिलाई मशीनें वितरित कीं। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने हर्षल फाउंडेशन के दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास की मुख्यधारा में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित हो। दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, क्षमता और आत्मविश्वास से समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं। आवश्यकता है कि उन्हें समान अवसर, उचित मंच और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रहे संस्थानों और संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की।
 टीबी रोग उन्मूलन के संबंध में राज्यपाल ने कहा कि टीबी रोग के विरुद्ध लड़ाई में समय पर उपचार, पौष्टिक आहार और परिवार एवं समाज का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीबी रोगियों को उपचार के साथ भावनात्मक और सामाजिक सहयोग देना भी आवश्यक है। उन्होंने सभी से टीबी रोग उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा रोगियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना से ही एक समावेशी एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अवसरों के अभाव में पीछे न रह जाए। कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, हर्षल फाउंडेशन की अध्यक्ष रमा गोयल, अपर सचिव रीना जोशी, विभिन्न संप्रदायों के धर्मगुरु, संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।

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