पांवटा साहिब में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच बनी सहमति

देहरादून। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल स्वयं मौके पर डटे रहे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनाक्रम की लगातार निगरानी करते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का नेतृत्व किया और निहंग समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद स्थापित कर स्थिति को शांतिपूर्वक सामान्य बनाया, साथ पांवटा साहिब में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच सहमति बनीं और निहंग सिख पांवटा वापस लौटने शुरू हो गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन, पुलिस एवं इंटेलीजेंस तंत्र की समयबद्ध, समन्वित और संवेदनशील कार्यवाही के परिणामस्वरूप पांवटा साहिब सीमा से उत्पन्न संभावित तनावपूर्ण स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया गया। प्रशासन एवं पुलिस की सूझबूझ, प्रभावी रणनीति तथा निरंतर संवाद के चलते देहरादून पहुंचे निहंग श्रद्धालु वार्ता के बाद शांतिपूर्वक वापस पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) लौट गए।
पूरे घटनाक्रम में उत्तराखंड पुलिस के इंटेलीजेंस तंत्र ने भी महत्वपूर्ण एवं प्रभावी भूमिका निभाई। समय रहते प्राप्त सूचनाओं, निरंतर फील्ड मॉनिटरिंग तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय के आधार पर संभावित परिस्थितियों का पूर्व आकलन किया गया, जिससे सुरक्षा प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिली।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक (इंटेलीजेंस) सरिता डोभाल एवं पुलिस अधीक्षक (इंटेलीजेंस) मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में इंटेलीजेंस इकाइयों ने संवेदनशील गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखी। सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर देहरादून तक सूचनाओं का त्वरित संकलन, विश्लेषण एवं समय पर साझा किए जाने से जिला प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक निर्णय लेने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला। इंटेलीजेंस एवं फील्ड पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय ने पूरे ऑपरेशन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
वार्ता के दौरान श्रद्धालुओं की बात गंभीरता से सुनी गई तथा उन्हें कानून-व्यवस्था एवं जनहित के दृष्टिकोण से आवश्यक जानकारी एवं समझाइश दी गई। सकारात्मक संवाद और आपसी सहमति के बाद सभी श्रद्धालु शांतिपूर्वक वापस लौट गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान कहीं भी बल प्रयोग की आवश्यकता नहीं पड़ी और क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति बनी रही।
पांवटा साहिब एवं कूल्हाल सीमा सहित सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस, पीएसी एवं अन्य सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की गई। वाहनों की सघन जांच, संवेदनशील स्थलों की निगरानी तथा सतत गश्त के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखा गया। सुरक्षा बलों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान अत्यंत संयम, धैर्य एवं पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने कहा कि जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन संवाद एवं समन्वय के माध्यम से प्रत्येक संवेदनशील स्थिति का समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा कि सीमा क्षेत्र सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है। किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, वहीं आमजन की सुरक्षा एवं शांति बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें तथा शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।
निहंग सिखों ने देर रात उत्तराखंड और हिमाचल बार्डर पर कुल्हाल गेट बार्डर पर लगी बैरिकेडिंग को हटा दिया था। कुछ वाहन में तोड़फोड़ कर बार्डर पार कर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर लिया था। रातभर निहंग सिखों को लेकर पुलिस की मुस्तैदी भी रही है। देर रात को पुलिस बल प्रेमनगर में भी तैनात रहा, लेकिन निहंग सिख प्रेमनगर नहीं पहुंचे। बाद में पुलिस को पता चला कि निहंग रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे में गए हैं। इसके बाद उनको समझा-बुझाकर पांवटा साहिब वापस भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, सभी निहंग सिख अभी भी पांवटा सहिब के गुरुद्वारे में हैं। उनकी संख्या करीब 150-200 बताई जा रही है। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी से तैनात हैं। पांवटा साहिब से आने वाले सभी वाहनों की लाइन पुल पर लगी रही। दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग से भी वाहनों का आवागमन हो रहा है और उस और भी पुलिस बल और आइटीबीपी भी मौजूद हैं। वहीं, पुलिस के आलाधिकारी और प्रशासन के अधिकारी एक बार फिर से निहंग सिखों से वार्ता की।
देहरादून के डीएम और एसएसपी हिमाचल और उत्तराखंड के बॉर्डर पर पहुंचे। इन अफसरों के साथ हरिद्वार देहात एसपी और विकासनगर के एसडीएम भी मौजूद रहे। ये अफसर आज एक बार फिर निहंग सिखों से वार्ता के लिए पांवटा साहिब गुरुद्वारे में पहुंचे। देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चैहान ने वार्ता सफल रहने की बात कही।





