उत्तराखंड

कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर नगर आयुक्त ने कसी नकेल

देहरादून। नगर निगम देहरादून में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय एक्शन मोड में नजर आए। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में जहां सेनेट्री इंस्पेक्टर्स के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए गए, वहीं स्वयं सहायता समूह (एसएसजी) की महिलाओं को भी चालान प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही गई। नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर, सेनेट्री इंस्पेक्टर, सेनेट्री सुपरवाइजर, डोर-टू-डोर सुपरवाइजर तथा एसएसजी महिलाओं के साथ कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम से जुड़े किसी भी कर्मचारी या एसएसजी कार्यकर्ता द्वारा नागरिकों से कूड़ा यूजर चार्ज का भुगतान निजी खाते में नहीं लिया जाएगा। सभी भुगतान केवल नगर निगम द्वारा अधिकृत क्यूआर कोड एवं मशीनों के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि शुल्क प्राप्त करने के बाद प्रत्येक उपभोक्ता को अनिवार्य रूप से रसीद उपलब्ध कराई जाए। रसीद की कार्बन कॉपी भी सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर, पता और वार्ड संबंधी विवरण सही ढंग से दर्ज करने तथा किसी भी प्रकार की ओवरराइटिंग से बचने के निर्देश दिए गए। बैठक में एसएसजी महिलाओं ने फील्ड में पहचान और अधिकारों से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। इस पर मुख्य नगर आयुक्त ने सभी एसएसजी कार्यकर्ताओं को शीघ्र आई-कार्ड और कैप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं की पहचान सुनिश्चित होगी और नागरिकों के बीच उनकी विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नगर आयुक्त ने एसएसजी महिलाओं को भी चालान प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग लगातार नियमों का उल्लंघन करते हैं या कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था में सहयोग नहीं करते, उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए एसएसजी समूहों को आवश्यक अधिकार और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि घरों से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे का नियमित संग्रहण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। वहीं पेड़ों की टहनियों, पत्तों और उद्यान अपशिष्ट के निस्तारण के लिए नगर निगम द्वारा संचालित अलग वाहनों की व्यवस्था के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाए। नगर आयुक्त ने सेनेट्री इंस्पेक्टर्स के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे फील्ड में उनकी पहचान स्पष्ट होगी और कार्यप्रणाली में अनुशासन एवं जवाबदेही बढ़ेगी। बैठक के अंत में नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल कूड़ा उठाना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर एसएसजी समूहों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर जमीनी स्तर पर मौजूद समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर देहरादून के निर्माण के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा व्यवस्था में सुधार के लिए ऐसे कदम लगातार जारी रहेंगे।

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