उत्तराखंड

अतिरिक्त धनराशि प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करें, पूर्ण परियोजनाओं का संचालन सुनिश्चित करें

देहरादून। सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की परियोजनाओं एवं योजनाओं से संबंधित मिसिंग लिंक फंडिंग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी विकास, लोक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण, ऊर्जा, विद्यालय शिक्षा, पिटकुल, सिंचाई तथा अन्य संबंधित विभागों की उन परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिनके पूर्ण क्रियान्वयन हेतु अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है या जिन्हें आंशिक फंडिंग प्राप्त होने के बावजूद शेष धन की जरूरत है।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त फंड अथवा आंशिक “मिसिंग लिंक” फंड की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत लेकिन लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए, ताकि जनहित से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने सचिव वित्त को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त धनराशि की मांग का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार स्वीकृति प्रदान की जाए, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके। साथ ही जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें तथा जिन परियोजनाओं को धनराशि प्राप्त हो चुकी है, उनका कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर उपयोगिता प्रमाण पत्र अविलंब प्रस्तुत करें।
मुख्य सचिव ने विभागों एवं जिलाधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए विभिन्न परियोजनाओं के संबंध में पारदर्शिता और तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर व रंजीत सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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