उत्तराखंड

केदारघाटी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे प्रभारी सचिव

रुद्रप्रयाग। जनपद के प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने केदारघाटी में अतिवृष्टि के बाद चल रहे कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही लोनिवि के एनएच डिवीजन और सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का मुआयना किया। इसी बीच उन्होंने रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के तीन किलोमीटर हाईवे का पैदल भ्रमण करते हुए अधिकारियों को कार्य में तीव्रता लाने के निर्देश दिए।
रुद्रप्रयाग के प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि क्षतिग्रस्त मार्ग का सुदृढ़ीकरण करने के लिए लोकनिर्माण विभाग की पूरी टीम रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के तीन किलोमीटर क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त करने के लिए तैनात है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अन्य ऐसे स्थानों को भी चिन्हित किया गया है, जहां भविष्य में भूस्खलन की संभावना से मार्ग क्षतिग्रस्त होने की अधिक संभावनाएं हैं। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों द्वारा जनपद के प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार को अवगत कराया गया कि ऐसे चिन्हित किए गए मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए टीएचडीसी को प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। जिस पर आर राजेश कुमार ने उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव में अति संवेदनशील स्थानों को भी शामिल करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने सोनप्रयाग में सोन नदी के दोनों ओर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया और कहा कि सोन नदी की बायीं ओर का कार्य एक से दो दिनों में शुरू करवा दिया जाएगा। वहीं इस नदी की दायीं ओर का कार्य तत्काल शुरू करवाने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नदी के डायवर्जन के लिए एक अतिरिक्त पोकलैंड मशीन और मैन पावर बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे कार्यों में तीव्रता लाई जा सके।
डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सीतापुर पार्किंग वाले क्षेत्र का भी निरीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन के साथ विस्तार पूर्वक विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही शासन स्तर से जिला प्रशासन को दी जाने वाली हर आवश्यक मदद के लिए शासन को अवगत करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में केदार घाटी के अंतर्गत सभी क्षतिग्रस्त मार्गों पर त्वरित गति से कार्य किया जा रहा है, जिसकी मुख्यमंत्री खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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