उत्तराखंडराजनीति

एक साल की चुप्पी के बाद रेवन्ना प्रकरण को तूल देकर अवसर तलाश रही कांग्रेसः नौटियाल

देहरादून। भाजपा ने कहा कि मातृ शक्ति की अस्मिता को लेकर भाजपा का रुख स्पष्ट है, लेकिन एक वर्ष से रेवन्ना  मामले मे कार्यवाही न कर एन चुनाव के मौके पर मुद्दे को तूल  देने देने से कांग्रेस की भूमिका संदेह के दायरे मे आ गयी है। कांग्रेस रेवन्ना प्रकरण मे राजनैतिक अवसर तलाश रही है। भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा के अध्यक्ष आशा नौटियाल ने कहा कि जिस तरह से कर्नाटक सरकार रेवना प्रकरण में काम कर रही है इससे कांग्रेस पार्टी की दोहरी मानसिकता उजागर हुई हैं। राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर कांग्रेस पार्टी कदम उठा रही है ताकि चुनावी लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि 1 साल पहले पुराने मामले को तूल देकर कांग्रेस की मंशा को समझा जा सकता है। जैसे ही भाजपा का सहयोगी दल जेडीएस के साथ गठबंधन हुआ तो कांग्रेस ने मामले को तूल दे दिया।  जबकि  भाजपा का साफ तौर से कहना है कि जो भी गलत है उसको सजा होनी चाहिए मगर कांग्रेस पार्टी अब इस मुद्दे पर सियासत कर रही है। वहीं कांग्रेस की चिंता वोट बैंक को लेकर भो है इसलिए वह भाजपा को निशाने पर ले रही है।
उनका कहना है कि जिस मामले की एसआईटी जांच कर रही है उस मामले में कांग्रेस पार्टी दोहरा रवैया अपना रही है क्योंकि अभी किसी पर भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी पार्टी की सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। मगर लोकसभा चुनाव में जनता कांग्रेस पार्टी को मुंहतोड़ जवाब देगी और इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ेगा। उनका कहना है कि कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है सरकार जन् आकांक्षाओं खरी नहीं उतरी है ऐसे में लोकसभा चुनाव के दौरान विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को फसाने का काम कर रही है ताकि अपने काले कारनामे छुपा सके। नौटियाल ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में  मशाल जुलूस निकालने पर भी तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश मे भी मुद्दाविहीन राजनीति करती रही है। यही वजह है कि उसे प्रदेश में जनता चुनाव दर चुनाव नकारती है। ऐसे में। कर्नाटक के कथित महिला शोषण के मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए विरोध प्रदर्शन  कर रहे है। इससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी बेबुनियादी मुद्दों के भरोसे ही सुर्खियों में रहना चाहती है। उनका कहना है कि कर्नाटक में जो मामला सामने आया है इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में दूध का दूध पानी का पानी साफ हो जाएगा।  कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन दर्शाता है कि जनता के मुद्दों से अब कांग्रेस पार्टी को कोई सरोकार नहीं है।

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